श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 249
 
 
श्लोक  3.6.249 
से मनुष्य शिवानन्द - सेनेरे पुछिल ।
महाप्रभुर स्थाने एक ‘वैरागी’ देखिल ॥249॥
 
 
अनुवाद
उस व्यक्ति ने शिवानन्द सेना से पूछा, "क्या आपने श्री चैतन्य महाप्रभु के निवास पर किसी संन्यासी को देखा?"
 
The man asked Shivananda Sen, “Have you seen any ascetic at the residence of Sri Chaitanya Mahaprabhu?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)