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श्लोक 224
श्लोक
3.6.224
वैरागी ह ञा येबा करे परापेक्षा ।
कार्य - सिद्धि नहे, कृष्ण करेन उपेक्षा ॥224॥
अनुवाद
"एक वैरागी [संन्यासी] को दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यदि वह ऐसा करता है, तो वह असफल होगा और कृष्ण उसकी उपेक्षा करेंगे।
"A recluse (renunciate) should not depend on others. If he does so, he will fail and be neglected by Krishna."
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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