श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 6: श्री चैतन्य महाप्रभु तथा रघुनाथ दास गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 211
 
 
श्लोक  3.6.211 
रघुनाथ समुद्रे याञा स्नान करिला ।
जगन्नाथ देखि’ पुनः गोविन्द - पाश आइला ॥211॥
 
 
अनुवाद
रघुनाथदास ने समुद्र में स्नान किया और भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। फिर वे श्री चैतन्य महाप्रभु के निजी सेवक गोविंद के पास लौट आए।
 
Raghunatha Dasa bathed in the ocean and had darshan of Jagannatha. He then returned to Govinda, the personal servant of Sri Chaitanya Mahaprabhu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)