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श्लोक 3.6.174  |
पञ्च - दश - क्रोश - पथ च लि’ गेला एक - दिने ।
सन्ध्या - काले रहि ला एक गोपेर बाथाने ॥174॥ |
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| अनुवाद |
| वह एक दिन में लगभग तीस मील पैदल चलते थे और शाम को एक ग्वाले की गौशाला में विश्राम करते थे। |
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| He walked about thirty miles in a day and in the evening he rested in a cowshed of a cowherd. |
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