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श्लोक 3.6.144  |
सब भक्त - द्वारे ताँरे आशीर्वाद कराइला ।
ताँ - सबार चरण रघुनाथ वन्दिला ॥144॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान नित्यानंद ने सभी भक्तों से रघुनाथदास को आशीर्वाद दिलाया और रघुनाथदास ने उनके चरण कमलों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। |
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| Shri Nityanand Prabhu got Raghunath Das blessed by all the devotees and Raghunath Das respectfully worshiped the lotus feet of all of them. |
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