श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 5: प्रद्युम्न मिश्र का रामानन्द राय से उपदेश लेना  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  3.5.69 
प्रभुर चरण वन्दे उल्लसित - मने ।
प्रभु कहे, - ‘कृष्ण - कथा हइल श्रवणे’? ॥69॥
 
 
अनुवाद
अत्यंत प्रसन्न होकर उसने श्री चैतन्य महाप्रभु के चरणकमलों की वंदना की। भगवान ने पूछा, "क्या तुमने कृष्ण के विषय में कुछ सुना है?"
 
"He worshipped the lotus feet of Sri Chaitanya Mahaprabhu with great joy. Mahaprabhu asked, 'Have you heard the Krishna stories?'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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