श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 5: प्रद्युम्न मिश्र का रामानन्द राय से उपदेश लेना  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  3.5.44 
किन्तु शास्त्र - दृष्ट्ये एक करि अनुमान ।
श्री - भागवत - शास्त्र - ताहाते प्रमाण ॥44॥
 
 
अनुवाद
"लेकिन मैं शास्त्रों के निर्देशों के आधार पर अनुमान लगा सकता हूँ। वैदिक ग्रंथ श्रीमद्भागवतम् इस विषय में प्रत्यक्ष प्रमाण देता है।"
 
But I can infer based on the scriptures. The Vedic scripture Srimad Bhagavatam provides direct evidence on this matter.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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