श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 5: प्रद्युम्न मिश्र का रामानन्द राय से उपदेश लेना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  3.5.33 
आर दिन मिश्र आइल प्रभु - विद्यमाने ।
प्रभु कहे, - ‘कृष्ण - कथा शुनिला राय - स्थाने’? ॥33॥
 
 
अनुवाद
अगले दिन, जब प्रद्युम्न मिश्र श्री चैतन्य महाप्रभु के समक्ष पहुंचे, तो भगवान ने पूछा, "क्या आपने श्री रामानन्द राय से कृष्ण के बारे में बातें सुनी हैं?"
 
The next day when Pradyumna Mishra came into the presence of Sri Chaitanya Mahaprabhu, Mahaprabhu asked, “Did you hear stories about Krishna from Sri Ramanand Rai?”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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