vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 5: प्रद्युम्न मिश्र का रामानन्द राय से उपदेश लेना
»
श्लोक 30
श्लोक
3.5.30
तोमार आगमने मोर पवित्र हैल घर ।
आज्ञा कर, क्या करें तोमार किङ्कर ॥30॥
अनुवाद
"आपके आगमन से मेरा पूरा घर पवित्र हो गया है। कृपया मुझे आदेश दें। मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ? मैं आपका सेवक हूँ।"
"My entire home has been sanctified by your arrival. Please give me orders. What can I do for you? I am your servant."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×