vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 4: जगन्नाथ पुरी में महाप्रभु से सनातन गोस्वामी की भेंट
»
श्लोक 96
श्लोक
3.4.96
ये कराइते चाहे ईश्वर, सेइ सिद्ध हय ।
तोमार सौभाग्य एइ कहिलुँ निश्चय ॥96॥
अनुवाद
"परम पुरुषोत्तम भगवान हमसे जो भी करवाना चाहते हैं, वह सफलतापूर्वक पूरा होगा। यह आपका सौभाग्य है। यह मेरी परिपक्व राय है।"
"Whatever the Supreme Personality of Godhead wants us to do will be accomplished successfully. This is your great fortune. This is my firm opinion."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×