श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 4: जगन्नाथ पुरी में महाप्रभु से सनातन गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  3.4.54 
एक - दिन आ सि’ प्रभु दुँहारे मिलिला ।
सनातने आचम्बिते कहिते लागिला ॥54॥
 
 
अनुवाद
एक दिन जब भगवान उनसे मिलने आये, तो उन्होंने अचानक सनातन गोस्वामी से बात करना शुरू कर दिया।
 
One day when Mahaprabhu came to meet him, he suddenly started saying to Sanatan Goswami.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)