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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 3: अन्त्य लीला
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अध्याय 4: जगन्नाथ पुरी में महाप्रभु से सनातन गोस्वामी की भेंट
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श्लोक 34
श्लोक
3.4.34
शुनह वल्लभ, कृष्ण - परम - मधुर ।
सौन्दर्य, माधुर्य, प्रेम - विलास - प्रचुर ॥34॥
अनुवाद
हमने कहा, "प्रिय वल्लभ, कृपया हमारी बात सुनें। भगवान कृष्ण परम आकर्षक हैं। उनका सौंदर्य, माधुर्य और प्रेम की लीलाएँ असीम हैं।"
"We say, 'O Vallabha, listen to us. Lord Krishna is the most attractive. His beauty, sweetness, and love are endless.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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