‘भागवत - सन्दर्भ’ - नाम कैल ग्र न्थ - सार ।
भागवत - सिद्धान्तेर ताहाँ पाइये पार ॥229॥
अनुवाद
विशेष रूप से, श्रील जीव गोस्वामी ने भागवत-संदर्भ या शत-संदर्भ नामक ग्रंथ संकलित किया, जो सभी शास्त्रों का सार है। इस ग्रंथ से भक्ति और भगवान के परम व्यक्तित्व का निर्णायक ज्ञान प्राप्त होता है।
Srila Jiva Goswami specifically composed the Bhagavata Sandarbha or Shat Sandarbha, which is a summary of all scriptures. This text provides crucial knowledge about devotion and the Lord.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥