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श्लोक 3.4.229  |
‘भागवत - सन्दर्भ’ - नाम कैल ग्र न्थ - सार ।
भागवत - सिद्धान्तेर ताहाँ पाइये पार ॥229॥ |
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| अनुवाद |
| विशेष रूप से, श्रील जीव गोस्वामी ने भागवत-संदर्भ या शत-संदर्भ नामक ग्रंथ संकलित किया, जो सभी शास्त्रों का सार है। इस ग्रंथ से भक्ति और भगवान के परम व्यक्तित्व का निर्णायक ज्ञान प्राप्त होता है। |
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| Srila Jiva Goswami specifically composed the Bhagavata Sandarbha or Shat Sandarbha, which is a summary of all scriptures. This text provides crucial knowledge about devotion and the Lord. |
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