श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 4: जगन्नाथ पुरी में महाप्रभु से सनातन गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 222
 
 
श्लोक  3.4.222 
आर यत ग्रन्थ कैला, ताहा के करे गणन ।
‘मदन - गोपाल - गोविन्देर सेवा’ - प्रकाशन ॥222॥
 
 
अनुवाद
श्रील सनातन गोस्वामी ने कई अन्य ग्रंथों का भी संकलन किया। उनकी गणना कौन कर सकता है? इन सभी ग्रंथों का मूल सिद्धांत हमें मदनमोहन और गोविंदजी से प्रेम करना सिखाना है।
 
Srila Sanatana Goswami also compiled many other texts. Who can count them? The fundamental principle of these texts is to teach us how to love Madanmohan and Govindji.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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