श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 4: जगन्नाथ पुरी में महाप्रभु से सनातन गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 219
 
 
श्लोक  3.4.219 
सनातन ग्रन्थ कैला ‘भागवतामृते’ ।
भक्त - भक्ति - कृष्ण - तत्त्व जानि याहा हैते ॥219॥
 
 
अनुवाद
श्रील सनातन गोस्वामी ने बृहद्भागवतमृत का संकलन किया। इस ग्रंथ से यह समझा जा सकता है कि भक्त कौन है, भक्ति की विधि क्या है, और परम सत्य कृष्ण कौन हैं।
 
Srila Sanatana Goswami compiled the Brihad-Bhagavatamrita. This book explains who a devotee is, what the method of devotion is, and who the Supreme Truth, Krishna, is.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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