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श्लोक 3.4.213  |
एइ - मते सनातन वृन्दावने आइला ।
पाछे आ सि’ रूप - गोसाञि ताँहारे मिलिला ॥213॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार सनातन गोस्वामी वृन्दावन पहुँचे। बाद में रूप गोस्वामी आये और उनसे मिले। |
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| Thus Sanatana Goswami reached Vrindavan. Later, Rupa Goswami came and met him. |
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