ये - पथे, ये - ग्राम - नदी - शैल, याहाँ ग्रेइ लीला ।
बलभद्र - भट्ट - स्थाने सब लिखि’ निला ॥210॥
अनुवाद
सनातन गोस्वामी ने बलभद्र भट्टाचार्य से उन सभी गाँवों, नदियों और पहाड़ियों का उल्लेख किया जहाँ श्री चैतन्य महाप्रभु ने अपनी लीलाएँ की थीं।
Sanatana Goswami, after asking Balabhadra Bhattacharya, wrote down the names of all the villages, rivers and mountains where Sri Chaitanya Mahaprabhu had performed his pastimes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥