एइ - मत सनातन रहे प्रभु - स्थाने ।
कृष्ण - चैतन्य - गुण - कथा हरिदास - सने ॥206॥
अनुवाद
इस प्रकार सनातन गोस्वामी श्री चैतन्य महाप्रभु की देखरेख में रहे और हरिदास ठाकुर के साथ श्री चैतन्य महाप्रभु के दिव्य गुणों पर चर्चा की।
In this way Sanatana Goswami remained under the protection of Sri Chaitanya Mahaprabhu and continued discussing the divine qualities of Sri Chaitanya Mahaprabhu with Haridas Thakur.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥