श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 4: जगन्नाथ पुरी में महाप्रभु से सनातन गोस्वामी की भेंट  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  3.4.18 
हरिदास कहे , - “सनातन करे नमस्कार” ।
सनातने देखि’ प्रभु हैला चमत्कार ॥18॥
 
 
अनुवाद
हरिदास ठाकुर ने श्री चैतन्य महाप्रभु से कहा, "यहां सनातन गोस्वामी प्रणाम कर रहे हैं।" सनातन गोस्वामी को देखकर भगवान को बहुत आश्चर्य हुआ।
 
Haridasa Thakura said to Sri Chaitanya Mahaprabhu, “This Sanatana Goswami is paying his respects to you.” Mahaprabhu was greatly astonished to see Sanatana Goswami.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)