श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 20: शिक्षाष्टक प्रार्थनाएँ  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  3.20.73 
वृन्दावन - दास प्रथम ये लीला वर्णिल ।
सेइ - सब लीलार आमि सूत्र - मात्र कैल ॥73॥
 
 
अनुवाद
श्रील वृन्दावनदास ठाकुर ने जो भी लीलाएँ पहले वर्णित की हैं, मैंने उनका केवल सारांश ही प्रस्तुत किया है।
 
I have only given briefly the pastimes which Srila Vrindavana Dasa Thakura first described.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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