श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 20: शिक्षाष्टक प्रार्थनाएँ  »  श्लोक 139
 
 
श्लोक  3.20.139 
भक्ते शिखाइते येइ शिक्षाष्टक कहिला ।
सेइ श्लोकाष्टकेर अर्थ पुनः आस्वादिला ॥139॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने भक्तों को शिक्षा देने के लिए उन आठ श्लोकों की रचना की, किन्तु उन्होंने स्वयं उनका अर्थ भी जाना।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu composed these eight verses to teach his devotees, but he himself also tasted their meaning.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)