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श्लोक 3.20.129  |
शिवानन्देर बालके श्लोक कराइला ।
सिंह - द्वारे द्वारी प्रभुरे कृष्ण देखाइला ॥129॥ |
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| अनुवाद |
| इसमें यह भी वर्णन किया गया है कि किस प्रकार शिवानन्द के पुत्र ने एक श्लोक की रचना की तथा किस प्रकार सिंहद्वार के द्वारपाल ने श्री चैतन्य महाप्रभु को कृष्ण का दर्शन कराया। |
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| This chapter also describes how Shivananda's son composed a verse and how the guard of the lion gate showed Sri Chaitanya Mahaprabhu the vision of Krishna. |
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