श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 2: छोटे हरिदास को दण्ड  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  3.2.92 
स्वरूप गोसाञि रे आचार्य कहे आर दिने ।
“वेदान्त पड़िया गोपाल आइसाछे एखाने” ॥92॥
 
 
अनुवाद
भगवान आचार्य ने स्वरूप दामोदर से कहा, "मेरा छोटा भाई गोपाल वेदान्त दर्शन का अध्ययन समाप्त करके मेरे घर लौट आया है।"
 
Lord Acharya said to Swarupa Damodara, “My younger brother Gopal has returned to my home after completing his studies in Vedanta philosophy.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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