ताँहार प्रभाव - प्रेम जाने दुइ - जने ।
आनिबे प्रभुरे एबे निश्चय कैला मने ॥52॥
अनुवाद
शिवानंद और जगदानंद नृसिंहानंद ब्रह्मचारी के प्रभाव और भगवद्प्रेम से परिचित थे। इसलिए अब उन्हें विश्वास हो गया कि वे अवश्य ही श्री चैतन्य महाप्रभु को लाएँगे।
Shivananda and Jagadananda knew the influence and love of God of Nrisimhananda. Therefore now they were confident that they would definitely bring Sri Chaitanya Mahaprabhu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥