श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 2: छोटे हरिदास को दण्ड  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  3.2.42 
शिवानन्दे कहिह, - आमि ए इ पौष - मासे ।
आचम्बिते अवश्य आमि याइब ताँ र पाशे ॥42॥
 
 
अनुवाद
“कृपया शिवानन्द सेना को सूचित करें कि पौष मास में मैं अवश्य ही उनके घर जाऊँगा।
 
“You tell Shivanand Sen that I will definitely go to his house this month of Paush (December-January).”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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