श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 2: छोटे हरिदास को दण्ड  »  श्लोक 138
 
 
श्लोक  3.2.138 
स्वरूप - गोसा ञि कहे, - “शुन, हरिदास ।
सबे तोमार हित वाञ्छि, करह विश्वास” ॥138॥
 
 
अनुवाद
स्वरूप दामोदर गोसाणी ने कहा, "कृपया हमारी बात सुनिए, हरिदास, हम सब आपकी भलाई चाहते हैं। कृपया इस पर विश्वास कीजिए।"
 
Swarup Damodar Gosain said, “Haridas, listen to us, because we all want your well-being.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)