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श्लोक 3.2.137  |
एत ब लि’ पुरी - गोसा ञि गेला निज - स्थाने ।
हरिदास - स्थाने गेला सब भक्त - गणे ॥137॥ |
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| अनुवाद |
| यह कहकर परमानंद पुरी गोसांई अपने घर चले गए। फिर सभी भक्तजन कनिष्ठ हरिदास के दर्शन के लिए गए। |
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| Having said this, Parmanand Puri went home. Then all the devotees went to meet Chhote Haridas. |
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