श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 2: छोटे हरिदास को दण्ड  »  श्लोक 111
 
 
श्लोक  3.2.111 
प्रभु कहे, - ‘कोन् याइ’ मागिया आनिल ?’ ।
छोट - हरिदासेर नाम आचार्य कहिल ॥111॥
 
 
अनुवाद
जब श्री चैतन्य महाप्रभु ने पूछा कि चावल किसने माँगा था और वापस लाया था, तो भगवान आचार्य ने कनिष्ठ हरिदास का नाम बताया।
 
When Sri Chaitanya Mahaprabhu asked who had asked for the rice, the Lord Acharya mentioned the name of little Haridasa.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)