श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु का अचिन्त्य व्यवहार  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  3.19.79 
‘जगन्नाथ - वल्लभ’ नाम उद्यान - प्रधाने ।
प्रवेश करिला प्रभु लञा भक्त - गणे ॥79॥
 
 
अनुवाद
भगवान अपने भक्तों के साथ जगन्नाथ-वल्लभ नामक एक सुन्दर उद्यान में प्रवेश कर गए।
 
Mahaprabhu along with his devotees entered the most beautiful garden named Jagannath-Vallabh.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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