श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 18: महाप्रभु का समुद्र से बचाव  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  3.18.68 
जालिया कहे , - “प्रभुरे देख्याछों बार - बार ।
तेंहो नहेन, एइ अति - विकृत आकार” ॥68॥
 
 
अनुवाद
मछुआरे ने उत्तर दिया, "मैंने भगवान को कई बार देखा है, लेकिन यह वह नहीं हैं। यह शरीर बहुत विकृत है।"
 
The fisherman replied, "I have seen the Lord many times, but this is not Him. This body is very distorted."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)