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श्री चैतन्य चरितामृत
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श्लोक 47
श्लोक
3.18.47
जालिया कहे , - “इहाँ एक मनुष्य ना देखिल ।
जाल वाहिते एक मृतक मोर जाले आइल ॥47॥
अनुवाद
मछुआरे ने उत्तर दिया, “मैंने यहां एक भी व्यक्ति नहीं देखा है, लेकिन पानी में जाल डालते समय मुझे एक शव दिखाई दिया।
The fisherman replied, “I did not see a single person here, but while casting my net into the water I caught a dead body.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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