श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 18: महाप्रभु का समुद्र से बचाव  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.18.46 
“कह, जालिया, एइ दिके देखिला एक - जन? ।
तोमार एइ दशा केने , - कहत’ कारण ?” ॥46॥
 
 
अनुवाद
"मेरे प्यारे मछुआरे," उन्होंने कहा, "तुम ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हो? क्या तुमने यहाँ किसी को देखा है? तुम्हारे इस व्यवहार का कारण क्या है? कृपया हमें बताओ।"
 
They said, "O fisherman, why are you behaving like this? Have you seen anyone here? What is the reason for your behavior? Please tell us."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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