श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 18: महाप्रभु का समुद्र से बचाव  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  3.18.36 
गुण्डिचा - मन्दिरे गेला, किबा नरेन्द्रेरे ?।
चटक - पर्वते गेला, किबा कोणाकर्ेरे ?’ ॥36॥
 
 
अनुवाद
"शायद वे गुंडिका मंदिर गए होंगे, या नरेंद्र झील, या चातक पर्वत। शायद वे कोणार्क मंदिर गए होंगे।"
 
“Maybe he has gone to Gundicha Temple or Narendra Sarovar or Chatak Parvat.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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