श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 17: श्री चैतन्य महाप्रभु के शारीरिक विकार  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.17.22 
उठिया वसिलेन प्रभु, चाहेन इति - उति ।
स्वरूपे कहेन , - “तुमि आमा आनिला कति ? ॥22॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु उठे और फिर बैठ गए। इधर-उधर देखते हुए उन्होंने स्वरूप दामोदर से पूछा, "आप मुझे कहाँ लाए हैं?"
 
Then Sri Chaitanya Mahaprabhu stood up and sat down again. Looking around, he asked Swarupa Damodara, “Where have you brought me?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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