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श्लोक 3.15.92  |
रामानन्द - राय तबे प्रभुरे वसाइला ।
वीजनादि क रि’ प्रभुर श्रम घुचाइला ॥92॥ |
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| अनुवाद |
| उस समय रामानन्द राय ने भगवान को बैठाया और पंखा झलकर उनकी थकान दूर की। |
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| At that time Ramanand Rai made Mahaprabhu sit and relieved his fatigue by fanning him. |
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