श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 15: श्री चैतन्य महाप्रभु का दिव्य उन्माद  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  3.15.53 
तोमार प्रणामे कि कैराछेन अवधान ? ।
किबा नाहि करेन, कह वचन - प्रमाण ॥53॥
 
 
अनुवाद
"जब तुमने उसे प्रणाम किया तो क्या उसने ध्यान दिया या नहीं? कृपया अपने शब्दों के समर्थन में प्रमाण दीजिए।"
 
"When you greeted him, did he pay attention or not? Please provide evidence for your words.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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