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श्लोक 3.14.99  |
प्रभुर अङ्गे देखे अष्ट - सात्त्विक विकार ।
आश्चर्य सात्त्विक दे खि’ हैला चमत्कार ॥99॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान के शरीर में आठों प्रकार के दिव्य परिवर्तन दृष्टिगोचर हो रहे थे। ऐसा दृश्य देखकर सभी भक्त आश्चर्यचकित हो गए। |
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| All eight types of divine sattvic afflictions were visible in Mahaprabhu's body. Seeing this sight, all the devotees were astonished. |
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