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श्लोक 3.14.92  |
प्रति - रोम - कूपे मांस - व्रणेर आकार ।
तार उपरे रोमोद्गम - कदम्ब - प्रकार ॥92॥ |
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| अनुवाद |
| उनके रोम-रोम में फुंसियाँ निकल आईं, तथा उनके शरीर के रोम खड़े होकर कदंब के पुष्पों के समान प्रतीत होने लगे। |
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| Every hair on his body burst open like blisters and the hair on his body stood up, appearing like Kadamba flowers. |
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