श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 13: जगदानन्द पण्डित तथा रघुनाथ भट्ट गोस्वामी के साथ लीलाएँ  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  3.13.49 
एक - दिन सनातने पण्डित निमन्त्रिला ।
नित्य - कृत्य करि’ तेंह पाक चड़ाइला ॥49॥
 
 
अनुवाद
एक दिन जगदानन्द पंडित ने सनातन को पास के मंदिर में दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया, अपने दैनिक कार्य समाप्त किये और खाना बनाना शुरू कर दिया।
 
One day Jagadananda Pandit invited Sanatana to dine at a nearby temple. After completing his daily chores, he began cooking.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)