श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 13: जगदानन्द पण्डित तथा रघुनाथ भट्ट गोस्वामी के साथ लीलाएँ  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  3.13.43 
तपन - मिश्र, चन्द्रशेखर , - दोंहारे मिलिला ।
ताँर ठाञि प्रभुर कथा सकल - इ शुनिला ॥43॥
 
 
अनुवाद
जब वे वाराणसी में तपन मिश्र और चन्द्रशेखर से मिले, तो उन्होंने उनसे श्री चैतन्य महाप्रभु से संबंधित विषयों के बारे में सुना।
 
When he met Tapan Mishra and Chandrashekhar in Varanasi, both of them heard from him the Leelas of Sri Chaitanya Mahaprabhu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)