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श्लोक 3.13.42  |
सब भक्त - गण - ठाञि आज्ञा मागिला ।
वन - पथे चलि’ चलि’ वाराणसी आइला ॥42॥ |
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| अनुवाद |
| उन्होंने सभी भक्तों से अनुमति ली और फिर प्रस्थान किया। वन मार्ग से यात्रा करते हुए वे शीघ्र ही वाराणसी पहुँच गए। |
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| He asked permission from all his devotees and then set off. He soon reached Varanasi via the forest. |
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