vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 13: जगदानन्द पण्डित तथा रघुनाथ भट्ट गोस्वामी के साथ लीलाएँ
»
श्लोक 14
श्लोक
3.13.14
प्रभु कहेन, - “खाट एक आनह पाड़िते ।
जगदानन्द चाहे आमाय विषय भुञ्जाइते ॥14॥
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने उत्तर दिया, "आप मेरे लेटने के लिए यहाँ एक पलंग भी ले आएँ। जगदानंद चाहते हैं कि मैं भौतिक सुख भोगूँ।"
Sri Chaitanya Mahaprabhu replied, “You also bring a cot for me to lie down on.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd