श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 13: जगदानन्द पण्डित तथा रघुनाथ भट्ट गोस्वामी के साथ लीलाएँ  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.13.14 
प्रभु कहेन, - “खाट एक आनह पाड़िते ।
जगदानन्द चाहे आमाय विषय भुञ्जाइते ॥14॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने उत्तर दिया, "आप मेरे लेटने के लिए यहाँ एक पलंग भी ले आएँ। जगदानंद चाहते हैं कि मैं भौतिक सुख भोगूँ।"
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu replied, “You also bring a cot for me to lie down on.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)