श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 13: जगदानन्द पण्डित तथा रघुनाथ भट्ट गोस्वामी के साथ लीलाएँ  »  श्लोक 121
 
 
श्लोक  3.13.121 
भागवत पड़, सदा लह कृष्ण - नाम ।
अचिरे करिबेन कृपा कृष्ण भगवान्” ॥121॥
 
 
अनुवाद
"वृन्दावन में तुम्हें चौबीस घंटे हरे कृष्ण मंत्र का जप करना चाहिए और निरंतर श्रीमद्भागवत का पाठ करना चाहिए। भगवान कृष्ण शीघ्र ही तुम पर कृपा करेंगे।"
 
"Go to Vrindavan and chant the Hare Krishna mantra twenty-four hours a day and read the Srimad Bhagavatam continuously. The Supreme Personality of Godhead, Krishna, will soon bless you."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)