vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 3: अन्त्य लीला
»
अध्याय 13: जगदानन्द पण्डित तथा रघुनाथ भट्ट गोस्वामी के साथ लीलाएँ
»
श्लोक 104
श्लोक
3.13.104
गोविन्देरे कहि’ एक वासा देओयाइला ।
स्वरूपादि भक्त - गण - सने मिलाइला ॥104॥
अनुवाद
भगवान ने गोविंदा से रघुनाथ भट्ट के आवास की व्यवस्था करने को कहा और फिर स्वरूप दामोदर गोस्वामी सहित सभी भक्तों से उनका परिचय कराया।
Mahaprabhu asked Govind to make arrangements for Raghunath Bhatt's stay and then introduced him to all the devotees including Swarup Damodar Goswami.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×