श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 13: जगदानन्द पण्डित तथा रघुनाथ भट्ट गोस्वामी के साथ लीलाएँ  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  3.13.104 
गोविन्देरे कहि’ एक वासा देओयाइला ।
स्वरूपादि भक्त - गण - सने मिलाइला ॥104॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने गोविंदा से रघुनाथ भट्ट के आवास की व्यवस्था करने को कहा और फिर स्वरूप दामोदर गोस्वामी सहित सभी भक्तों से उनका परिचय कराया।
 
Mahaprabhu asked Govind to make arrangements for Raghunath Bhatt's stay and then introduced him to all the devotees including Swarup Damodar Goswami.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)