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श्लोक 54
श्लोक
3.12.54
नदीया - वासी मोदक, तार नाम ‘परमेश्वर’ ।
मोदक वेचे, प्रभुर वाटीर निकट तार घर ॥54॥
अनुवाद
नादिया में परमेश्वर नाम का एक निवासी था, जो श्री चैतन्य महाप्रभु के घर के पास रहता था।
There was a confectioner (modak) named Parameshwar, a resident of Nadia, who lived near the house of Sri Chaitanya Mahaprabhu.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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