श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 12: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं जगदानन्द पण्डित का प्रेम व्यवहार  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  3.12.52 
तबे सब भक्त लञा करिला भोजन ।
गोविन्देरे आज्ञा दिला क रि’ आचमन ॥52॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने सभी भक्तों के साथ भोजन किया और हाथ-मुँह धोकर गोविन्द को आदेश दिया।
 
Mahaprabhu ate food with all the other devotees and after washing his hands and face, gave this order to Govind.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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