श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 12: श्री चैतन्य महाप्रभु एवं जगदानन्द पण्डित का प्रेम व्यवहार  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  3.12.39 
वैष्णवेर समाचार गोसाञि पुछिला ।
एके एके सबार नाम श्रीकान्त जानाइला ॥39॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने श्रीकांत से सभी वैष्णवों के बारे में पूछा और बालक ने भगवान को उनके बारे में बताया तथा एक-एक करके उनका नाम बताया।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu asked Srikant about all the Vaishnavas and the boy took their names and informed Mahaprabhu about them.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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