श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 3: अन्त्य लीला  »  अध्याय 10: श्री चैतन्य महाप्रभु अपने भक्तों से प्रसाद ग्रहण करते हैं  »  श्लोक 94
 
 
श्लोक  3.10.94 
प्रभु कहे, - ‘भितरे तबे आइला केमने ? ।
तैछे केने प्रसाद लैते ना कैला गमने ?’ ॥94॥
 
 
अनुवाद
प्रभु ने पूछा, "तुम कमरे में कैसे आए? तुम उसी तरह दोपहर का भोजन करने बाहर क्यों नहीं गए?"
 
Mahaprabhu asked, “How did you enter the room? Why didn’t you go out to eat the same way?”
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd