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श्लोक 3.1.85  |
सेइ श्लोक लञा प्रभु स्वरूपे देखाइला ।
स्वरूपेर परीक्षा ला गि’ ताँहारे पुछिला ॥85॥ |
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| अनुवाद |
| श्री चैतन्य महाप्रभु ने वह श्लोक लिया और स्वरूप दामोदर को परीक्षण हेतु दिखाया। तब भगवान ने उनसे प्रश्न किया। |
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| Sri Chaitanya Mahaprabhu took that verse and showed it to Swarupa Damodara for testing. |
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