“पृथक् नाटक करिते सत्यभामा आज्ञा दिल ।
जानिलु, पृथक् नाटक करिते प्रभु - आज्ञा हैल ॥69॥
अनुवाद
श्रील रूप गोस्वामी ने सोचा, "सत्यभामा ने मुझे दो अलग-अलग नाटक लिखने का आदेश दिया था। अब मुझे समझ में आया कि इस आदेश की पुष्टि श्री चैतन्य महाप्रभु ने भी कर दी है।"
Srila Rupa Goswami thought, "Satyabhama has ordered me to write two separate plays. Now I understand that this order has been confirmed by Sri Chaitanya Mahaprabhu."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥